वाराणसी में उ.प्र. पेंशनर्स कल्याण संस्था ने जिलाध्यक्ष इं. एस. डी. मिश्र की अध्यक्षता में बैठक कर जिलाधिकारी के माध्यम से पीएम मोदी को 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें 8वें वेतन आयोग में पूर्व पेंशनरों को शामिल करने व 18 माह के DA एरियर भुगतान की मांग की गई।
वाराणसी। उ.प्र. पेंशनर्स कल्याण संस्था (शाखा-वाराणसी) की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित कोषागार में जिलाध्यक्ष इं. एस. डी. मिश्र की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का संचालन जिलामंत्री अवध नारायण पाण्डेय ने किया। प्रांतीय आह्वान पर संस्था ने जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
प्रमुख मांगें:
- केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों से संबंधित पारित विधेयक वापस लिया जाए।
- 8वें वेतन आयोग में 01 जनवरी 2026 से पूर्व के सेवानिवृत्त पेंशनरों का पुनरीक्षण शामिल हो।
- 7वें वेतन आयोग की भांति पुराने पेंशनभोगियों को सभी लाभ देने का शासनादेश जारी हो।
- बुजुर्गों व पेंशनरों को रेल/हवाई किराये में मिलने वाली छूट बहाल की जाए।
- कोरोना काल के 18 माह के रोके गए DA/DR एरियर का भुगतान हो।
- पेंशन राशिकरण की कटौती अवधि 15 से घटाकर 11 वर्ष की जाए।
- अतिरिक्त पेंशन का लाभ 65, 70 व 75 वर्ष की आयु पर क्रमशः 5%, 10% व 15% की दर से मिले।
प्रदेश सरकार से चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था बहाल करने की मांगबैठक में उपस्थित वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि चिकित्सा व्यय प्रतिपूर्ति के लिए पूर्व की भांति भौतिक रूप से आवेदन करने की व्यवस्था को बहाल किया जाए। इसके लिए 09 सितम्बर, 2026 के शासनादेश में आवश्यक संशोधन करने की अपील की गई, जिससे बुजुर्ग पेंशनरों को राहत मिल सके।इस दौरान प्रांतीय संरक्षक इं. शमसुल आरेफिन, जनपदीय संरक्षक इं. आर. पी. मिश्र, इं. डी. एल. श्रीवास्तव, हीरालाल, डॉ. परमहंस मिश्र, डॉ. सुधाकर मिश्र, इं. एस. एन. मणि, नागेंद्र सिंह, हीरालाल प्रसाद, अमरदेव, प्रभाकर दुबे, शिव प्रकाश, वी. एन. त्रिपाठी, दयाशंकर सिंह यादव, रामजग, राकेश मोहन पाण्डेय, श्रीमती शैलकुमारी, श्रीमती शकुंतला देवी, सावित्री देवी एवं रामचंद्र गुप्ता सहित भारी संख्या में पेंशनर्स उपस्थित रहे।